Ranji Trophy Final : जम्मू-कश्मीर का हुबली में धमाका, कर्नाटक के खिलाफ बनाए 395 रन

Ranji Trophy Final : रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक पर शिकंजा कसा। शुभम पुंडीर के 121 रनों की बदौलत जेएंडके ने पहली पारी में 395/4 का स्कोर बनाया। प्रसिद्ध कृष्णा ने लिए 3 विकेट।

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2/25/20261 मिनट पढ़ें

जम्मू-कश्मीर का दबदबा: बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम ने हुबली की पिच का भरपूर फायदा उठाया। टीम की बल्लेबाजी में गहराई और अनुशासन दोनों देखने को मिला:

  • शुभम पुंडीर का जुझारू शतक: पुंडीर ने 247 गेंदों का सामना करते हुए 121 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेली। उनकी इस पारी ने जेएंडके के बड़े स्कोर की नींव रखी।

  • यावर हसन की सधी हुई पारी: सलामी बल्लेबाज यावर हसन ने 88 रन (130 गेंद) बनाकर टीम को ठोस शुरुआत दी। हालांकि, वे अपने शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने कर्नाटक के गेंदबाजों को काफी थकाया।

  • अब्दुल समद का आक्रामक अंदाज: अपनी शैली के अनुरूप समद ने 104 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।

  • कप्तान डोगरा और कन्हैया की पार्टनरशिप: अनुभवी कप्तान पारस डोगरा (42)* और विकेटकीपर कन्हैया वाधवन (50)* अभी भी क्रीज पर डटे हुए हैं। दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हो चुकी है, जो कर्नाटक की मुश्किलों को बढ़ा रही है।

कर्नाटक की गेंदबाजी: प्रसिद्ध कृष्णा का संघर्ष

घरेलू मैदान पर खेल रही कर्नाटक की टीम के लिए दूसरा दिन भी संघर्षपूर्ण रहा। स्टार गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने अब तक 3 विकेट झटके हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें 24 ओवरों में 68 रन खर्च करने पड़े। अन्य गेंदबाजों की स्थिति इस प्रकार रही:

मैच का टर्निंग पॉइंट

मैच का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पहले दिन के अंत और दूसरे दिन की शुरुआत रही। पहले दिन के स्कोर 284/2 से आगे बढ़ते हुए जेएंडके ने अपनी लय बरकरार रखी। हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने अब्दुल समद को आउट कर वापसी की कोशिश की, लेकिन कन्हैया और डोगरा ने पारी को फिर से संभाल लिया।

आगे की राह: क्या होगा कर्नाटक का जवाब?

जम्मू-कश्मीर की नजर अब 450+ के स्कोर पर होगी। यदि वे चाय काल के बाद भी बल्लेबाजी जारी रखते हैं, तो कर्नाटक के बल्लेबाजों (केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और पडिक्कल) पर पहली पारी की बढ़त हासिल करने का भारी दबाव होगा। हुबली की पिच अब धीरे-धीरे धीमी हो सकती है, जो खेल के तीसरे और चौथे दिन स्पिनरों को मदद करेगी।